IAS Success Story Pradeep Kumar Gave UPSC Exam Three Times Started His Journey From A Small Village In Bundelkhand

By | March 21, 2021

Success Story Of IAS Topper Pradeep Kumar Dwivedi: यूपीएससी में कई लोगों को सफलता मिल जाती है लेकिन उनकी रेंक बहुत अच्छी नहीं आती. ऐसे में कई लोग तब तक तैयारी जारी रखते हैं जब तक उनका सिलेक्शन आईएएस पद के लिए नहीं हो जाता. आज आपको यूपीएससी परीक्षा 2018 में 74वीं रैंक हासिल कर आईएएस अफसर बनने वाले प्रदीप कुमार द्विवेदी की कहानी बताएंगे. प्रदीप को यूपीएससी में दूसरे प्रयास में सफलता मिली लेकिन उनकी रैंक 491 थी. ऐसे में उन्होंने आईएएस अफसर का पद न मिलने तक कोशिश जारी रखने का फैसला किया. उनकी किस्मत ने उनका साथ दिया और अगले ही प्रयास में उनका सिलेक्शन आईएएस पद के लिए हो गया. प्रदीप का यह सफर बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव से शुरू हुआ था.

किसान परिवार में हुआ जन्म

प्रदीप कुमार द्विवेदी का जन्म बुंदेलखंड के छोटे से गांव में हुआ था. उनके पिता किसान थे और उनकी शुरुआती शिक्षा यहीं से हुई. इंटरमीडिएट के बाद प्रदीप इंजीनियरिंग की डिग्री के लिए भोपाल चले गए. अब तक उनके मन में यूपीएससी जैसा कोई ख्याल नहीं था. इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्हें बिजली विभाग में नौकरी मिल गई. नौकरी के दौरान उनका यूपीएससी में जाने का मन बना और उन्होंने तैयारी शुरू कर दी. प्रदीप ने यह तय कर लिया था कि वह सिर्फ दो बार यूपीएससी की परीक्षा में किस्मत आजमाएंगे. अगर उन्हें दो बार में सफलता नहीं मिलेगी तो वह इस सफर को आगे नहीं बढ़ाएंगे.

तीसरे प्रयास में बने आईएएस अफसर

वैसे तो प्रदीप यह तय करके आए थे कि वह सिर्फ दो बार यूपीएससी की परीक्षा में शामिल होंगे लेकिन उनका यह सफर करीब 3 प्रयास तक खिंच गया. दरअसल, पहले प्रयास में उन्हें असफलता मिली. जब उन्होंने दूसरा प्रयास किया तो उनका सिलेक्शन हो गया. हालांकि उनकी रैंक 491 थी जिसकी वजह से उन्हें आईएएस का पद नहीं मिला. ऐसे में उन्होंने एक बार और प्रयास करने का मन बनाया. इस बार किस्मत ने भी उनका साथ दिया और उनकी ऑल इंडिया रैंक 74 रही. इस तरह उन्हें आईएएस का पद मिल गया और उनका यूपीएससी का सफर पूरा हो गया.

यहां देखें प्रदीप का दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिया गया इंटरव्यू

 

दूसरे कैंडिडेट्स को प्रदीप की सलाह

यूपीएससी की तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स को प्रदीप सेल्फ स्टडी पर फोकस करने की सलाह देते हैं. उनका मानना है कि अगर आप ऐसी जगह पर हैं जहां कोचिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो आप इंटरनेट का सहारा ले सकते हैं. वे कहते हैं कि इंटरनेट पर काफी स्टडी मटेरियल उपलब्ध है जिसका मदद से आप सेल्फ स्टडी कर सकते हैं. प्रदीप ने यूपीएससी के लिए किसी भी तरह की कोचिंग नहीं ज्वॉइन की थी. उन्होंने सेल्फ स्टडी के दम पर सफलता प्राप्त करके दिखाई. वे कहते हैं कि आप किस बैकग्राउंड से हैं वह यूपीएससी की तैयारी में मायने नहीं रखता. आप जीरो से शुरू करके यहां मेहनत करेंगे तो आपको सफलता जरूर मिलेगी.

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